The Gac Thought's#12



ऐ हवा जरा संभल कर चल इतनी अंगराईयां 

मत ले मेरे सर की छत अभी तंगहाल है 

बरसा अपनी खुशी किसी रईस के घर 

मेरे आंगन में मातम की जगह नहीं

तेरी निगाहें हम जैसों पर ही रहती है किसी गरीब की बद्दुआओं में शामिल ना हो उसके समंदर अभी उफान पर है।

(credit-Mr.Gac )








Comments

Popular Posts