A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
खामोश हूं लेकिन बहरा नहीं
दिखता है मुझे भी सब कुछ पर कहता नहीं
वक्त आने दो तेरे सारे सवालों का जवाब मिल जाएगा
मेरी खामोशी लोगों को कहने का अवसर दे गई।
(credit-Mr.Gac )
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