The Gac Thought's#22

सफर में अकेले होने का गम न था

जो राह में मिले वो भी अकेले ही थे 

फिर क्यों मिलने बिछड़ने की याद सताती है एक सफर था जिसकी मंजिल ही सफर थी ।

(credit-Mr.Gac )



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