The Gac Thought's#26

अब हमें उठना होगा जो सोए हैं 
उन्हें उठाना होगा 
अब ना कोई पराया होगा 
ना ही कोई बेचारा होगा 
जाती पाती धर्म मजहब के संकीर्णता से उठना होगा
ना ही कोई पार्टी होगी 
ना ही कोई पर पार्टी होगी 
एक साथ हम सबका होगा 
अब ना किसी के बहकावे में होंगे 
ना किसी पार्टी के जलसे में होंगे 
एक नारा हम सबका होगा 
विकास का नारा होगा 
अब हमें उठना होगा 
महामारी के चंगुल से सब को जिंदा बचाना होगा 
भुख बेकारी गरीबी को हथियार बना लड़ना होगा।
(credit- Mr.Gac)



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