A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
हार के भी जीत का जज्बा रखता हूं
जिंदगी तेरी औकात जेब में लिए रहता हूं
तेरे हर एक मोहरे को शिकस्त हमने दिया
तेरी शक्ल अब हमें याद नहीं
जा डरा उन्हें जो घुटने टेक देते हैं
हम तो मुफलिसी मैं भी जश्न मनाया करते हैं।
( Credit- Mr. Gac Storm )
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