The Gac Thought's # 101
सुना है तेरे चाहने वालों का भला हुआ
हम भी तो तेरे आशिक थे मेरा क्यों बुरा हुआ
तेरे
किस्सों के चर्चे सरेआम होते हैं
फिर हम क्यों बदनाम होते हैं
हमें हदो में रहना नहीं आता
कभी समुंदर से पूछा है तूफान क्यों आते हैं
कभी किनारे बैठ लहरों से पूछ इतनी बेचैनियां क्यों है
इन्हें हद में रहना रास नहीं आता।
( Credit- Mr. Gac )



Comments
Post a Comment