A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
इंसान होके इंसान बन के इंसानो को कितना बाट दिए
तुमने जज्बातों के निकलने के सारे रास्ते बांट दिए
दर्द और खुशियों का घर है इंसान
तुमने तो सारे जहां को बाट डाले।
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