A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
खुदा मिले तो पूछूंगा
मुझे जोहरी क्यों नहीं बनाया
मैं रिश्तो को जांचना परखना जान जाता
न दर्द उठने का गम होता
ना धोखे का रंज होता
हर एक चेहरा आईना में साफ दिख जाता।
( Credit- Mr. Gac )
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