The Gac Thought's # 122

तू पी भी नहीं फिर नशे में धुत क्यों है

कोई दर्द तुझे भी मिला है क्या

मैं मसीहाओ से टकरा गई थी 

वह मेरे साथ आने को कह रहे थे

मैं वही चकरा गई होश भी खो गई

यह जानकर हैरान हो गई

इनसे अच्छे तो हम हैं

गम पीते हैं

बेशर्म जिंदगी को जी भर के जीते हैं।

       (Credit- Mr. Gac )


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