The Gac Thought's # 124


खामोश हूं गूंगा नहीं हूं

खुला तो सैलाब आ जाएगा

हर राज से पर्दा उठ जाएगा

हर नकाब का चेहरा उतर जाएगा।

    ( Credit- Mr. Gac ) 

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