A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
अब आंखें हर वक्त कैद में रहती हैं
कोई नई रोशनी ला के दो
मैं अभी पूरा मचला नहीं
रास्ता खुला दो।
( Credit- Mr. Gac )
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