A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
हम अपने कलम में रोशनाई समझ भर लेंगे
जज्बातों का दौर चला है
आफ़ताब बन कर छा जाएंगे
कुछ किस्से कहानियों को पन्नों में जड़ देंगे।
(Credit- Mr. Gac )
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