A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
घर जहा के बदुआओ से रोशन हुआ हूं
मैं सारे जहां में रौशन हुआ हूं
मेरे शख्सियत को मिटा नहीं सकते
मैं तुम सबके जेहन में रोशन हुआ हूं।
(Credit- Mr. Gac )
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