A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
तुम बाजारों में खुशियां तलाशना बंद कर दो
घर में बूढ़ी मां के आईना बन जाओ
कब दुआओं की लौ बुझ जाए
खुद को रौशन दुआओं से कर लो।
( Credit- Mr. Gac )
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