The Gac Thought's # 137

तुम बाजारों में खुशियां तलाशना बंद कर दो

घर में बूढ़ी मां के आईना बन जाओ

कब दुआओं की लौ बुझ जाए 

खुद को रौशन दुआओं से कर लो।

 ( Credit- Mr. Gac )


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