A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
की रुखसत हो जाने की
हमने बस रोका नहीं था, टोका नहीं था
कुछ सीख मिली होगी जल्दी जाने की
अभी हमने बस अंगड़ाई ली थी
उठ के चलना बाकी था
रास्तों को एक मुद्दत से इंतजार था।
( Credit- Mr. Gac )
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