A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
हमने उम्मीदों के दीए जलाए थे
तुम ने धोखे से हवाओं का साथ निभाया
हम बुझे थोड़े थे
फिजाओं ने मेरा साथ निभाया
रोशनी बिखरी हुई थी चारों ओर
यह हमें अंधेरों ने बताया था।
( Credit- Mr. Gac )
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