The Gac Thought's# 139

 हमने उम्मीदों के दीए जलाए थे

 तुम ने धोखे से हवाओं का साथ निभाया

हम बुझे थोड़े थे

फिजाओं ने मेरा साथ निभाया

रोशनी बिखरी हुई थी चारों ओर

यह हमें अंधेरों ने बताया था।

     ( Credit- Mr. Gac )


 


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