The Gac Thought's #142

क्यों नहीं कोई भी लिख सकता है

अपने जज्बातों को शब्दों की कश्ती पे चला सकता है 

जरूरी नहीं हर कोई तैरना जानता

कुछ काम कश्तियों को भी करना पड़ता है।

   (Credit- Mr. Gac )


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