A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
वह रात दिन खंजर लिए रहता है
अजीब शख्स है फकीरों के घर रहता है
कोई जाकर कह दो यहां कातिल नहीं रहते
डरते हैं कहीं उनके घर ना आ जाए।
( Credit- Mr. Gac )
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