The Gac Thought's # 151

मुश्किलें कम नहीं अब ज्यादा है

कोई खामोश होकर फरियाद करता है

जहन में सवालों के सैलाब है उठते 

कई कश्तियां मेरे वजन से डूबी हैं

तूफानों को आने में वक्त नहीं लगता

मेरा दिल बहुत दिनों से दरिया बना है।

   ( Credit- Mr. Gac )


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