A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
जब रोशनी ही नहीं तो क्यों घबराते हो
आईने में शक्ल तो देखो किसी कातिल
की तरह लगते हो।
( credit - Mr. Gac )
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