A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
यार सामने आने से क्यों घबराते हो
एक लम्हे में तुझे दिल से निकाल डाला
गिले-शिकवे की अदावत की फेहरिस्त मत निकाल
तुझे जानने में हमने कुछ देर कर दी।
( credit-MrGac )
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