The Gac Thought's # 59

मेरे आशियां पे जो बिजली गिरी
मेरे ख्वाबों की दुनिया जली
रात में ढूंढता हूं
घर के कुछ जरूरी सामान
खाक भी ना मिला जो छुपा के रखा था
घर में कुछ मायूसी के सिवा हाथ आया नहीं
यह खुदा की रहमत है  या मेरे नेक कर्मों की सजा
जिंदगी तू बता तुझे जीने में हमने कोई भूल तो नहीं की ।

   ( credit- Mr. Gac )

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