The Gac Thought's # 70

 कुछ लम्हों ने खता कर दी

वक्त आज भी गुनाहों के चादर में लिपटा है

सदियों से यह होता है कमजोर को झकझोर दिया जाता है

मंजिलों तक आते-आते पांव कट जाते हैं

कुछ खुशनसीबों को बैसाखियां मिल जाती हैं

कुछ अपने जख्मों के निशान राहों में छोड़ जाते हैं।

    ( credit- Mr. Gac  )




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