The Gac Thought's# 77

 कोई मेरेओर चला आ रहा था

गीत कोई गुनगुना रहा था

मैं मदहोश हो रहा था

कुछ नींद में भी सो रहा था

वह पास आकर खड़ा हो गया था

मैं उठ कर खड़ा हो गया था

वह चलने को कह रहा था

मैं अभी जीने को और कह रहा था

वह अभी और पीने को कह रहा था

मैं अब टूट के जुड़ चुका था।

     ( Credit- Mr. Gac )



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