A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
दर्द मेरा गहरा हुआ जा रहा था
मैं आंसुओं को पिया जा रहा था
उम्मीदों की चादर ओढ़ जिया जा रहा था।
( Credit- Mr. Gac )
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