The Gac Thought's # 81

 क्या क्या खेल, खेल रही है जिंदगी

मुझे पता भी नहीं खेल रहा हूं जिंदगी

ये कौन कौन सा खेल है जिंदगी

इसका मक़ाम क्या है बता ज़िंदगी

एक लंबा वक्त आंधियों की तरह उड़ गया जिंदगी

अब कितना वक्त है बता जिंदगी

थका जिस्म अगर जाए भी तो जिंदगी

रूह कभी प्यासी नहीं जाएगी जिंदगी।

         ( Credit- Mr. Gac  )



Comments

Popular Posts