The Gac Thought's # 86

तुमने नहीं ख्वाबों ने मेरा साथ निभाया है

वो हर रात बिन बुलाए चली आती है

उजालों से थक हार जब मैं बिस्तर पर आता हूं

तनहाइयां खुद से लिपट कर सो जाती है।

   ( Credit- Mr. Gac )


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