The Gac Thought's #87
जिंदगी तेरे इंतजार में हमने एक उम्र गवा दी
अब क्या तुझे मेरी वो शक्ल याद आएगी
बड़े जुनून पाल रखे थे नए अंदाज में जीने की
सिर्फ झूठा ख्वाब बनकर रह गया
हाथ कुछ भी आया नहीं
एक सुकून तुझसे मिलने का फिर बिछड़ने का
सारे परिंदे घोसले से उड़ गए
बस तेरा ही इंतजार था जिंदगी
एक उम्र गवा दी हमने जिंदगी।
( Credit- Mr. Gac )



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