The Gac Thought's # 90

 कुछ कहना चाहता हूं

कभी पास तो आओ

आज फुर्सत में हो

इकरार करते रहना

दो चार  बातें करते रहना

मेरा जी बहल जाएगा

आसमां भी देखेगा

फिजाओं का साथ तो होगा

हवाओं का साज तो होगा

जज्बातों का खुला किताब तो होगा

साथ छूटने का ना कोई बात होगा

खुलकर जीने का एक एहसास तो होगा।

            ( Credit- Mr.Gac )



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