A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
उसने परिंदों से यह खबर भेजा है
बादलों के संग आजा
सावन आया है
भीगती फिजाओं के संग आजा संदेशा लाया है
कुछ पीनी है कुछ पिलानी है
चंद दिनों की अब जवानी है।
( Credit- Mr. Gac )
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