A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
तूफानों से कह दो खुद पर नाज करना छोड़ दें
हम हवाओं से उसका वजूद है
हम जो ठहरे तो तेरा दम मिट जाएगा
आती-जाती कश्तियां भी तेरा वजूद रौंद जाएंगी।
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