The Gac Thought's # 98

ऐ शाम आज तेरी सोहबत में बैठा हूं
आज मेरा प्याला खाली है
तुम आज चांद से सिफारिश करो
अपनी चांदनी मेरे प्याले में डालें
मेरे शब्द आज झुमना चाहते हैं
जरा इतराना चाहते हैं।

Comments

Popular Posts