The Gac Thought's # 99

क्यों नजरें झुकाए बैठे हो
किस को पलकों में छुपाए बैठे हो
वह दौर गुजर गया
अब नया दौर लाओ
अब उठ कर जरा दौड़ लगाओ
कहीं उसका साथ ना छूट जाए तुमसे
दौड़ के उस का साथ निभाओ मन से।

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