A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
ख्वाहिशें जब भी आए हैं उनसे यह पूछ लेना क्या तुम मेरा साथ निभाओगे
मेरे हाथ खाली है
लकीरों की कमी नहीं।
(credit-Mr.Gac )
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