The Gac Thought's#45

  तुझको देखता हूं

तो खुद को भूल जाता हूं

अय मेरी जान मैं तुझको कितना चाहता हूं

कभी पास आओ तुझे चूमना चाहता हूं

यह दौर कभी खत्म न हो दुआ चाहता हूं

बंदिशों से मैं आजाद होना चाहता हूं।

उम्र की हदों से पार होना चाहता हूं।

( credit-MrGac )






Comments

Popular Posts