The Gac Thought's#49



 ए चांद तू पहरे में क्यों रहता है चांदनी के

यहां सभी तेरे दोस्त हैं एक भी दुश्मन नहीं

कभी सूरज से तो पूछ बेचारा तन्हा ही रहता है

आने जाने में सारे जहां को याद दिला जाता है।

       ( credit - Mr. Gac  )


Comments

Popular Posts