A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
यहां सभी तेरे दोस्त हैं एक भी दुश्मन नहीं
कभी सूरज से तो पूछ बेचारा तन्हा ही रहता है
आने जाने में सारे जहां को याद दिला जाता है।
( credit - Mr. Gac )
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