A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
वक्त और हालात बदलने लगे
हम जहां थे वहीं सिमटने लगे
कोई खुदा अब मुंह न दिखाएगा
अब सजदा बड़ा महंगा हुआ।
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