The Gac Thought's # 160

वो मुझ में है तुझ में है 
तो इतने फासलें क्यों हैं
तू खुद के सिवा किसको सुनता है
मैं उसके सिवा किसको  सुनता हूं।

            ( Credit- Mr. Gac)

Comments

Popular Posts