A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
मैं तुझसे न मिलने को यूही नहीं कहता
सुना है तू अपनों को झुकाने में रहता है
खड़ा हो जा कर किसी पुराने आईने के सामने
तेरा बीता हुआ कल तुझे याद आ जाएगा।
( Credit- Mr. Gac )
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