The Gac Thought's # 166

एक तुही है जो सबके दिलों में रहता है
न जाने कहां छुप के रहता है
तमाम उम्र तुझे ढुंढने में गुजर गई
कुछ किताबों कुछ मूर्तियों में सिमट गई।
    ( Credit- Mr. Gac )

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