A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
तुझे भूल जाऊं यह मुमकिन नहीं
हर राह में कांटे बिछाए रहता है
जख्मी पाव रुकते नहीं सिसकते नहीं
तुझे याद कर कर के और तेज चलते हैं।
( Credit- Mr. Gac )
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