The Gac Thought's # 170

एहसास इतना की जुबान नहीं खुलती
उम्मीद की कोई लौ अब नहीं दिखती
हूं , गर तो अंधेरों से दोस्ती कर लेंगे
चांद सितारों की रोशनी ले लेंगे
सुना है ये सितारे भी कभी इंसान थे
हम सितारों में कभी तो मिल जाएंगे।
      ( Credit- Mr. Gac )

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