The Gac Thought's # 172

कुछ कहना था शायद

कुछ सुनना भी था शायद

मिलने पर निगाहें अक्सर बयां कर देती हैं

सिरहने बदन को झकझोर देती है

पलक झपक के सब बयां करता है

खामोशी एक लंबी दास्तानो के

कुछ


कहानियों का पर्दाफाश करती हैं।

      (Credit- Mr. Gac )



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