A human thought on Life ़़ं़़़़ं़़़ं़़़़ं़़़़ं़़़़़ं़़ं़़़़ं़़़़ं़़़ं़़
जिंदगी का हर पहलु हाशिए पर है
उम्मीदें सफर पुरा नही करती
ज़लज़ले अब भी उठते हैं शिकस्त के
हौसले समंदर बन बैठे हैं जिगर में।
(Credit:Mr.Gac)
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