The Gac thought's#202


 वतन से मुहब्बत का सबुत मांगते है

 कुछ नकाबपोश कफ़न मांगते है

 ओढ़ ली हमने नारंगी ओढ़नी।

 तुम सब जद में आजाओगे

 फलक से सितारे कभी जमीं पर न आएंगे

 हम सितारे बन फलक पर जाएंगे

 कर लो आजमाईश जी भर के

 हम तुम्हारे टुटते हौसलों में आएंगे।

       (Credit:Mr.Gac)




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